Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Vedic Science

हमारे सनातन संस्कृति परम्परा के गुरुकुल में क्या क्या पढाई होती थी?

आखिर इस स्वतंत्र भारत में गुरुकुलों की स्थापना क्यों नहीं हुई? बाबाओं ने आश्रम बना दिये, मठ बना दिये, चंदे के बलपर बड़े बड़े प्रकल्प चलने लगे, लेकिन गुरुकुलों से दूरी क्यों बनी हुई है? इंग्लैंड में पहला स्कूल 1811 में खुला उस समय भारत में 7,32,000 गुरुकुल थे, आइए जानते हैं हमारे गुरुकुल कैसे बन्द हुए। हमारे सनातन संस्कृति परम्परा के गुरुकुल में क्या क्या पढाई होती थी ? 01 अग्नि विद्या (Metallurgy)  02 वायु विद्या (Flight)  03 जल विद्या (Navigation)  04 अंतरिक्ष विद्या (Space Science)  05 पृथ्वी विद्या (Environment)  06 सूर्य विद्या (Solar Study)  07 चन्द्र व लोक विद्या (Lunar Study)  08 मेघ विद्या (Weather Forecast)  09 पदार्थ विद्युत विद्या (Battery)  10 सौर ऊर्जा विद्या (Solar Energy)  11 दिन रात्रि विद्या  12 सृष्टि विद्या (Space Research)  13 खगोल विद्या (Astronomy)  14 भूगोल विद्या (Geography)  15 काल विद्या (Time)  16 भूगर्भ विद्या (Geology Mining)  17 रत्न व धातु विद्या (Gems & Metals)  18 आकर्...

अथ सृष्टि उत्पत्ति व्याख्यास्याम की माप तौल का उत्तर - सृष्टि काल गणना

🌞 अथ सृष्टि उत्पत्ति व्याखयास्याम की माप तौल का उत्तर – शिवनारायण उपाध्याय,२९ अक्तुम्बर २०१६ । 🌼  आचार्य दार्शनेय लोकेश द्वारा भेजा गया लेख ‘अथ सृष्टि उत्पत्ति व्यायास्याम की माप-तौल’ मुझे आज ही प्राप्त हुआ। लेख में आपने वितण्डा और छल का प्रयोग कर व्यर्थ उसका कलेवर बढ़ाकर पाठकों को भ्रमित करने का यत्न किया है। सृष्टि उत्पत्ति अथवा वेदोत्पत्ति के विषय में स्वामी दयानन्द की मान्यता के विरोध में लिखा गया यह पहला लेख नहीं है। इस विषय पर सर्वप्रथम रघुनन्दन शर्मा ने अपनी पुस्तक ‘वैदिक सपत्ति’ में सृष्टि उत्पत्ति का समय 1972949116 वर्ष (वर्तमान की स्थिति तक) पूर्व माना, परन्तु जान बूझकर उसे समझाने का प्रयत्न नहीं किया। उसके बाद आचार्य वैद्यनाथ शास्त्री ने जब वे सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा में पदाधिकारी बने, तब इसी विषय पर एक लेख लिख दिया और चूंकि वे सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा में थे, उनकी गणना को सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा ने स्वीकार कर लिया। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि के साप्ताहिक समाचार-पत्र पर भी उन्हीं की मान्यता के अनुसार तिथि छपने लग गई, परन्तु परोपकारिणी सभा अजमेर ने...